Friday, 10 April 2020
Thursday, 9 April 2020
हे माँ काली,
अद्भुत शक्तियों वाली,
पापियों के रक्त से करनें वाली स्नान,
जय त्रिनेत्र वाली,जय माँ काली,
तेज से जिसके है ढ़क जाता सूर्य भी,
है जिसके सामनें मौन हो जाता समय भी,
काल के चक्र को भी थाम देनें वाली,
हे माँ काली,
हे माँ काली,
अद्भुत शक्तियों वाली,
पापियों के रक्त से करनें वाली स्नान,
जय त्रिनेत्र वाली,जय माँ काली
कवि मनीष
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Wednesday, 8 April 2020
है बेहिसाब ताक़त जिसमें,
है अद्भुत ज्ञान जिसमें,
है वो सबसे बड़ा संकटहारि,
है वो बजरंग,हनुमान शिवअवतारी,
महाशक्ति का सागर है भरा जिसमें,
बुरे शक्तियों का जो है करता सर्वनाश पल भर में,
है वो सबसे बड़ा चमत्कारी,
है वो बजरंग,हनुमान,शिवअवतारी
है बेहिसाब ताक़त जिसमें,
है अद्भुत ज्ञान जिसमें,
है वो सबसे बड़ा संकटहारि,
है वो बजरंग,हनुमान,शिवअवतारी
हनुमान जयंती की अनंत शुभकामनाएँ
कवि मनीष
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माता के दर पे जो जलाते हैं दीप,
उनके मन में हैं सदा जलते आशा के दीप,
निराशा होती है उनसे कोसों दूर,
मन में है ज़िंदा रहता उनके सदा प्रीत,
है रहता सदा माथे उनके ताज वसंत का,
रहते नहीं वो कभी भी भीत,
है रहता उनके भीतर बल सिंहों का,
उनसे नहीं पाता कोई जीत,
माता के दर पे जो जलातें हैं दीप,
उनके मन में हैं सदा जलते आशा के दीप,
निराशा होती है उनसें कोसों दूर,
मन में है ज़िंदा रहता उनके सदा प्रीत
कवि मनीष
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Tuesday, 7 April 2020
हर हर महादेव कहते चलो..
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हर हर महादेव कहते चलो,
हर मुसीबत से लड़ते चलो,
संकट तेरा क्या बिगाड़ेगा,
बस मन में शिव को बसाते चलो,
सूर्य का तेज भी है फ़िका समक्ष उसके,
चाँद की शीतलता है फ़िकी समक्ष उसके,
अपनें मन के दर्पण में उसको बसाते चलो,
हर हर महादेव कहते चलो,
हर हर महादेव कहते चलो,
हर मुसीबत से लड़ते चलो,
संकट तेरा क्या बिगाड़ेगा,
बस मन में शिव को बसाते चलो
कवि मनीष
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Monday, 6 April 2020
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प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...
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नया साल,नया जीवन लाए, उमंगो से भरा मौसम लाए, वसंत-बहार और छाया रहे सावन, जीवन बाग में हर रंग के फूल खिलाए कवि मनीष ************************...
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हर मासूम दिल में बसे सिर्फ़ मौसम ए बहार, मुबारक़ हो आप सभी को बाल दिवस का त्यौहार कवि मनीष







