Thursday, 6 August 2020

है जिसके अनगिनत हाथ,
वो रहेगा हर-पल तेरे साथ,
निर्मल है अगर तू,
छोड़ेगा वो नहीं कभी तेरा हाथ

कवि मनीष 
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Wednesday, 5 August 2020

सत्य की ज़मीन सत्य को मिली,
सूरज को फिर से उसकी रोशनीं मिली,
अयोध्या बनीं फिर से अजेय,
राम लला के पैरों को कर स्पर्श आज अयोध्या को उसकी खोई पहचान मिली

श्री जन्म भूमि पूजन पर रचना
कवि मनीष 
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Tuesday, 4 August 2020

न आएगा फ़नकार कोई तेरे जैसा,
न आएगा कलाकार कोई तेरे जैसा,
कला रहेगी सदा तेरी ॠणी,
न करेगा चमत्कार कोई तेरे जैसा 

महानतम कलाकार किशोर कुमार पर लिखी मेरी रचना
कवि मनीष 
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Monday, 3 August 2020



बड़ा हीं पुराना है ये बंधन,
युगों-युगों से है चला आ रहा ये त्यौहार अति पावन,
भाई-बहन का है ये त्यौहार अनोखा,
है ये अटूट रक्षा का रक्षा बंधन 

कवि मनीष 
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Sunday, 2 August 2020

यादों में अक्सर जो आतें हैं,
वो हँसाते व रूलाते हैं,
पर जिनके यादों से है ज़िंदा जीवन,
वो साईं के भक्त कहलातें हैं 

कवि मनीष 
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Saturday, 1 August 2020

है आसमान से बड़ा आँचल जिसका,
है ममतामई हाथ सबपर जिसका,
लगातीं हैं बेड़ा पार सबका जो,
करो जय जयकार सब भक्तों उनका

कवि मनीष 
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प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...