Saturday, 17 August 2019

तू ना रूकेगा कभी..

तू ना रूकेगा कभी,
तू ना झुकेगा कभी,
सामनें पहाड़ हो,
नदि विशाल हो,

तू है शेर ए हिन्द,
तू है जलाल ए वतन,
तू ना रूकेगा कभी,
तू ना झुकेगा कभी,

है नीला गगन तुझसे,
है हरी वसुन्धरा तुझसे,
तू है वक़्त की चाल,
तू रूकेगा ना कभी,

तू ना रूकेगा कभी,
तू ना झुकेगा कभी,
सामनें पहाड़ हो,
नदि विशाल हो 
कवि मनीष 



Friday, 16 August 2019

श्री अटल बिहारी वाजपयी जी को श्रद्धांजलि..

जब तक रहेगा समय तू रहेगा ज़िन्दा,
जब तक चलेगा समय तू रहेगा ज़िन्दा,
रोशनीं की हर किरण में रहेगा हमेशा तू,
जब तक रहेगा गगन तू रहेगा ज़िन्दा 
कवि मनीष 

Wednesday, 14 August 2019

रक्षाबंधन

है बंधन ये रक्षा का जो कहलाता है रक्षाबंधन,
है बंधन ये प्रेम का जो कहलाता है रक्षाबंधन,
बस ये बंधन कभी टूटे ना यही है कामना,
है मौसम ये बहार का जो कहलाता है रक्षाबंधन 

रक्षाबंधन की अनंत शुभकामनाएँ 
कवि मनीष 

स्वतंत्रता दिवस

है ख़ूबसूरत तस्वीर मेरे देश की,
है चमकती तक़दीर मेरे देश की,
क्योंकि हैं हम सारे बंधे भाईचारे के गुलदस्ते में,
है जीवित तस्वीर मेरे देश की

स्वतंत्रता दिवस की अनंत शुभकामनाएँ 
कवि मनीष 

Monday, 12 August 2019

चाँद की रोशनीं में..

चाँद की रोशनीं में है शीतलता अपार,
इसकी रोशनीं में है झलकता बहार,
है जन्नत का रास्ता इसकी रोशनीं,
इसकी पाक़ रोशनीं में है मुबारक़ आपको ईद का त्यौहार 
कवि मनीष 

Sunday, 11 August 2019

जब जुड़ती है..

जब जुड़ती है विश्वास की डोर तब बनता है एक रिश्ता मजबूत,
जब जुड़ती है एहसास की डोर तब बनता है एक रिश्ता मजबूत,
स्नेह के सागर में हीं है पैदा होता एक रिश्ता,
जब जुड़ती है प्यार की डोर तब बनता है एक रिश्ता मजबूत 
कवि मनीष 

Saturday, 10 August 2019

है कठिन जीवन की डगर..

है कठिन जीवन की डगर,
पर चलेगा तू हिम्मत है अगर,
हर साँस को जोड़कर ज़िन्दगी से,
तू समझ ले ज़िन्दगी का सफ़र,

बड़ी निराशा,बड़ी हताशा फैली है हर ओर,
पर तू बस अपनें आप पे कर गौर,
बस वो राह चुन जो है तेरा,
और बन जा ज़िन्दगी का सिरमौर,

है कठिन जीवन की डगर,
पर चलेगा तू हिम्मत है अगर,
हर साँस को जोड़कर ज़िन्दगी से,
तू समझ ले ज़िन्दगी का सफ़र

कवि मनीष 

प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...