Monday, 28 December 2020

राम नाम निकले हर घड़ी मुख से,

पार लगाए वो नईया जीवन दुःख से,

मुख कपि का लेकर अद्भुत,

करे भक्ति श्री राम की वो सदा दिल से


कवि मनीष 

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Sunday, 27 December 2020

रेत की दीवार ढ़ह जाती है, क्षणभर में,

पूनम कर देती है जग रोशन पल भर में,

हर ग़म है हो जाता पल भर में दूर,

जब छाता है माता रानीं का नूर सारे जग में 


कवि मनीष 

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Saturday, 26 December 2020

बस एक आदेश पर उड़ गएँ लंका को बजरंग,

लेके मन में निःस्वार्थ भक्ति का रंग,

करता है जो भक्ति तन-मन-धन से,

है मिलता उसको फल हमेशा मधुरता के संग


कवि मनीष 

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Friday, 25 December 2020

है कण-कण में जो समाया,

है जो फूलों के रंग और सुगन्ध बनके छाया,

है वो राम के सद्विचार,

जो बनकर रहतें सदा मानवता का साया


कवि मनीष 

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मानवता पर जब है होता ज़ुल्मो का प्रहार,

ख़तरे में जब है पड़ता सारा संसार,

तब जन्म लेता है,

एक फ़रिश्ता बनके इंसानियत का उपहार


क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ 


कवि मनीष 

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Tuesday, 22 December 2020

डमरू बजाए,करे नृत्य तांडव,

जटाधारी,त्रिनेत्रधारी,गंगाधर,

देव,मानव,दानव सब हैं भक्त उसके,

गुणों का है वो सृजनकर्ता और अवगुणों का है संहारक


कवि मनीष 

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Sunday, 20 December 2020

सुमन और सुगन्ध एक दूजे बिन हैं अधूरे,

वैसे हीं कृष्ण और राधा एक दूसरे बिन हैं अधूरे,

है इनकी प्रीत पराकाष्ठा प्रेम की,

तभी तो समस्त जगत् इनको है पूजे


कवि मनीष 

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प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...