Tuesday, 8 December 2020

आशा से भरे मन में नहीं आते बुरे विचार,

आशावादी लोग हीं करतें हैं चमत्कार,

जब दमकता है रूप अम्बे माता का,

चमक उठता है सारा घर-बार, संसार


कवि मनीष 

****************************************


Monday, 7 December 2020

बगिया जो होती है,भरी पुष्पों से रंग-बिरंगी,

बना देती है हर मन को रंग-बिरंगी,

और जो बसा कर हैं रखते मन में माता की छवि,

उनका हर दिन है होता है सतरंगी,उमंगी 


कवि मनीष 

****************************************




Sunday, 6 December 2020

राधा कहे कृष्ण से कैसा प्रेम किया हमनें,

मिल के भी मिल न पाएँ कैसा प्रेम किया हमनें,

बिन मौसम के जो बरसते हैं बादल,

उन बादलों के जैसा प्रेम किया हमनें 


कवि मनीष 

****************************************

Saturday, 5 December 2020

मीरा हर घड़ी कृष्ण धुन गाए,

पर कृष्ण कभी मिलन को न आए,

मीरा भई कृष्ण बावरी,

सो विष बन सुधा रग-रग में समाए


कवि मनीष 

****************************************


Thursday, 3 December 2020

हनुमंत संग चले जग सारा,

हनुमंत के प्रिय श्री राम न्यारा,

रात दिन भजे राम नाम,

हनुमंत से बड़ा न कोई राम दुलारा 


कवि मनीष 

****************************************

Wednesday, 2 December 2020

जीवन की नाव प्रीत की नदि पर हीं है चलती,

मृत्यु सदा जीवन के साथ हीं है चलती,

जो महाकाल की करतें हैं भक्ति,

उन्हे मृत्यु कभी असमय नहीं है बुलाती


कवि मनीष 

****************************************


Tuesday, 1 December 2020

जईसे दिवा व रात्रि बनाए एक दिन,

वईसे माता के प्रीत से महके हर दिन,

जो मन में छवि माता के रखे बसा के,

ओके घर में बनें वसंत-बहार हर दिन


कवि मनीष 

****************************************

प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...