ज्ञान और शांति का उपदेश देनेंवाले,युद्ध के मार्ग से जग को बचानेंवाले,है आज उसके जन्म,ज्ञान,महानिर्वाण तीनों का संगम,है पाता वो परमशांति को जो करता है सर्वस्व अपना बुद्ध के हवालेबुद्ध पूर्णिमा की ढ़ेरों शुभकामनाएँ कवि मनीष ****************************************
प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...
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