Sunday, 10 May 2020

जीवन को जन्म देनें वाली,
जीवन बाग बनानें वाली,
जीवन को सजाकर,
चेहरे पे हँसी लानें वाली,

माता तुझे प्रणाम,
माता तुझे सलाम,
सच्च-झूठ को मिलाकर,
घर को बसानें वाली,

हे जननी तुझे प्रणाम,
हे माता तुझे सलाम,
हे माता तुझे प्रणाम,
हे माता तुझे सलाम 

कवि मनीष 
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