Monday, 24 February 2020

तू जब है आता पास,
ऐ साईं तू पूरी है करता
हर आस,
जब जुड़ता है तुझसे एहसास,
आशा रहती है मेरे पास-पास,

नीली धरती लगती है और प्यारी,
जब बनाता है तू जीवन फुलवारी,
है बजता हर मधुर राग,
तू जब है आता पास,

तू जब है आता पास,
ऐ साईं तू पूरी है करता,
हर आस,
जब जुड़ता है तुझसे एहसास,
आशा रहती है मेरे पास-पास

कवि मनीष 
**************************************

No comments:

Post a Comment

प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...