वीरों का रक्त जब धरती पर बहता है,
धरती के हर कोनें में वो आग की तरह धधकता है,
फिर वो धधकती आग गुनहगारों को जलानें के लिए है बढ़ती,
दुश्मनों की जिस्मों को राख कर वो ख़ुद पर गर्व करता है
सर्जिकल स्ट्राईक (२९ सितंबर) करनें वाले जवानों के लिए बस यही है कहना,
विजय पथ पर तू सदा बढ़ते रहना ।
कवि मनीष
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