Wednesday, 2 October 2019

कुछ लोग समझते हैं दुश्मन उसे,
पर मैं समझता हूँ परमेश्वर उसे,
जो कोई नहीं कर पाया किया तो उसनें हीं,
जो देता है बापू को गाली मैं कहता हूँ गद्दार उसे

परम पूज्य परमेश्वर महात्मा गाँधी जी की जयंती पर बस यही है कहना,
सदा उनकी भाँति हीं तुम भी अहिंसा व सत्य पथ पर चलते रहना ।
कवि मनीष 

Tuesday, 1 October 2019

मईया तोहार चुनरी,
बा लाल,लाल,लाल,
करअ ह सिंह के सवारी,
करअ ह तू तअ,
कमाल,कमाल,कमाल,

मईया तोहार चुनरी,
बा लाल,लाल,लाल,

जग के बचावअ ह तू तअ,
तू जानअ ह जग के,
हाल,हाल,हाल,

मईया तोहार चुनरी बा,
लाल,लाल,लाल,

चाँद जईसन चमकेला,
तोहार दरबार,दरबार,दरबार,
तू हीं चमकावअ ह,
सबके घर दुआर,दुआर,दुआर,

मईया तोहार चुनरी बा,
लाल,लाल,लाल,
मईया तोहार चुनरी बा,
लाल,लाल,लाल,

मईया तोहार चुनरी बा,
लाल,लाल,लाल 
कवि मनीष 

प्रेम जब पहुँचे हिर्दय की गहराई तक, पराकाष्ठा पहुँचे उसकी नभ की ऊँचाई तक, प्रेम अगर रहे निर्मल गंगा माई के जैसे, वो प्रेम पहुँचे जटाधारी के ...